रविवार, 8 मई 2011

ऑनलाइन होगी कुमाऊं की प्राचीनतम लाइब्रेरी


अधिकतर अभिलेख ऑनलाइन करने के लिए तैयार किए गए
1933 में हुई थी लाइब्रेरी की स्थापना
नैनीताल (एसएनबी)। कुमाऊं मंडल के प्राचीनतम पुस्तकालयों में गिने जाने वाले मुख्यालय के दुर्गा लाल साह नगर पालिका पुस्तकालय तक शीघ्र आपकी घर बैठे पहुंच होगी। करीब चार वर्ष के अनवरत कार्यों के बाद यह पुस्तकालय शीघ्र इंटरनेट पर उपलब्ध होने जा रहा है। इसके जीर्णोद्धार का 80 लाख रुपये का एक अन्य प्रस्ताव भी शासन से स्वीकृति की स्थिति में पहुंच गया है। 
वर्ष 1933 में नगर के मोहन लाल साह द्वारा पांच हजार रुपये के आर्थिक सहयोग से अपने पिता दुर्गा लाल साह के नाम पर 'मिड माल' में स्थापित नगरपालिका संचालित यह पुस्तकालय हिंदू धर्म ग्रंथों, वेद-पुराणों, नैनीताल-कुमाऊं के 1940 के दशक से इतिहास व गजेटियर सहित सैकड़ों बहु उपयोगी प्राचीन एवं दुर्लभ पुस्तकों, पांडुलिपियों, जर्नल व मैगजीन आदि का अनूठा संग्रहालय है। वर्ष 2007 से भारत सरकार के सूचना तकनीकी मंत्रालय की डिजिटल लाइब्रेरी मेगा सेंटर योजना के तहत सेंटर फार डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटरिंग (सीडीएसी) द्वारा यहां उपलब्ध कॉपीराइट की बाधा रहित ज्ञान कोश को 'स्कैन' कर 'डिजिटलाइज' करने का कार्य किया जा रहा है, जो अब करीब 80 फीसद तक पूर्ण बताया जा रहा है। इसे 'डिजिटल लाइब्रेरी मेगा सेंटर' में लॉग ऑन करके ऑन लाइन देखा जा सकेगा। इधर नगर पालिका ने इसके जीर्णोद्धार का 80 लाख रुपये का प्रस्ताव राज्य योजना के तहत शासन को भेजा था, बताया जा रहा है कि इसमें से करीब 50 लाख का प्रस्ताव शासन में स्वीकृत होने की स्थिति में है। पालिकाध्यक्ष मुकेश जोशी ने बताया कि योजना के तहत पुस्तकालय में साइबर कैफे भी स्थापित किया जाएगा, ताकि लोग वहां बैठकर भी यहां मौजूद पुस्तकों को डिजिटल स्वरूप में पढ़कर सुविधानुसार ज्ञानवर्धन कर सकेंगे।
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