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मंगलवार, 8 मार्च 2011

सर्वश्रेष्ठ छात्रा व शिक्षिका को कुमाऊं विवि करेगा सम्मानित


कुमाऊं विवि ने महिला दिवस पर दिया महिलाओं को तोहफा 
कमजोरी की सोच बदलें महिलाएं : कुलपति, 
साक्षरता दर शत-प्रतिशत पहुंचाने की जरूरत : शांति 
नैनीताल (एसएनबी)। कुमाऊं विवि हर वर्ष प्रत्येक संकाय की सर्वश्रेष्ठ छात्रा एवं शिक्षिका और विवि के सभी परिसरों में एक-एक सर्वश्रेष्ठ शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगा। विवि के कुलपति प्रो. वीपीएस अरोड़ा ने महिला दिवस के मौके पर यह घोषणा की। महिला दिवस के मौके पर कुविवि के हरमिटेज परिसर में महिलाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अरोड़ा ने कहा कि हर किसी के उन्नयन में महिलाओं का अहम योगदान होता है, इसी प्रकार कई बार महिलाएं परिवार के पतन का कारण भी बनती हैं, उन्हें इससे भी बचना चाहिए उन्होंने महिलाओं से कमजोरी की सोच बदलने का आह्वान किया। इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि प्रदेश की पशु कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष शांति मेहरा ने कहा कि पहाड़ में 70 फीसद महिलाओं के शिक्षित होने के बावजूद उनका जीवन चिंताओं में बीतता हैं। उन्होंने शिक्षित प्रतिशत को सौ फीसद करने की जरूरत बताई। पूर्व पालिकाध्यक्ष व वीमन कांफ्रेंस की अध्यक्ष सरिता आर्य ने ग्रामीण महिलाओं के उन्नयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई व घटते लिंगानुपात पर चिंता जताई। कार्यक्रम संयोजिका डा. नीता बोरा शर्मा ने समाज के संतुलित विकास के लिए स्त्रियों के उन्नयन के लिए उपयोगी सुझाव दिए। जैव तकनीकी विभागाध्यक्ष डा. बीना पांडे ने रेखांकित किया कि महिलाए आज हवाई जहाज के साथ देश भी चला रही हैं। वह पंच महाभूतों, धरती की तरह धैर्यवान, जल की तरह सरल,अग्नि सी संघर्ष में तपकर, हवा की तरह उड़ती हुई आकाश छूने चली हैं। इस मौके पर सीओ अरुणा भारती, श्रीमती तारा, हिंदी विभागाध्यक्ष डा.नीरजा टंडन, सावित्री कैड़ा, राजेरी पंत, निर्मला ढैला, चंद्रकला रावत, प्रो. निर्मला बोरा, ज्योति जोशी व इंदु पाठक सहित कई महिला मौजूद थीं।

कुलगीत पर बजीं तालियां
नैनीताल। कार्यक्रम के दौरान कुमाऊं विवि के कुलगीत का प्रथम बार संगीतबद्ध गायन प्रस्तुत हुआ। अल्मोड़ा परिसर की कवयित्री डा. दिवा भट्ट द्वारा लिखित व डीएसबी परिसर के संगीत विभाग द्वारा तैयार इस प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी। अलबत्ता, कुलपति प्रो. अरोरा ने कुलगीत के संगीत को सभी परिसरों मैं एक जैसा करने व गायन की अवधि कम करने का कहा ।



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