मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

नैनीताल जू की 'राजकुमारी‘ बनी एरीज की 'महारानी'

नैनीताल (एसएनबी)। नैनीताल जू प्रशासन पिछले कई दिनों से बंगाल टाइगर जोड़े के गोद लेने की प्रकिया के लिए कोशिशों में जुटा था। राष्ट्रीय सहारा में मंगलवार को रॉयल बंगाल टाइगर के इस जोड़े द्वारा इतिहास रचे जाने की दहलीज पर होने संबंधी खबर प्रकाशित होने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन की यह मुराद पूरी हो गयी है। आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान यानी एरीज इस दिशा में आगे आया है। साथ ही चिड़ियाघर प्रशासन ने मां बनने जा रही मादा टाइगर को ‘राजकुमारी’, का नाम दे दिया है। 
मंगलवार को नैनीताल जू में एरीज के निदेशक प्रो. रामसागर ने प्रभागीय वनाधिकारी पराग मधुकर धकाते की उपस्थिति में रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े में से मादा बंगाल टाइगर को एक वर्ष के लिए गोद लिया। जू प्रशासन ने बताया कि इस मादा बंगाल टाइगर को वर्ष 2008 में रामनगर से घायलावस्था में लाया गया था। यहां इसके उपचार के बाद इसका रखरखाव अच्छी तरह से किया जा रहा है। एरीज के निदेशक प्रो. रामसागर ने इसका अंगीकरण करने का फैसला लिया है। इसका कुल खर्चा दो लाख रुपया सालाना है, जिसे संस्थान की ओर से दिया जाएगा। उनका कहना था कि वह जानवरों से अगाध प्रेम करते हैं व उनके संरक्षण के लिए हमेशा आगे रहते हैं। 
जल्द आयेगी एक्स-रे मशीन 
नैनीताल। पिछले दिनों भुजियाघाट क्षेत्र में घायलावस्था में एक वाहन टक्कर से घायल होने के बाद नैनीताल जू में एक्स-रे की जरूरत महसूस की गयी थी। इसी के चलते जू प्रशासन ने एक मोबाइल वाहन लाने की पहल की है। साथ ही जल्द ही एक्स-रे मशीन को जल्द ही लाने की कोशिश की जा रही है।
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