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मंगलवार, 10 मई 2011

आदि कैलाश यात्रा के लिए भी मानसरोवर जैसा क्रेज


किराया बढ़ने के बावजूद पहले चार दलों के लिए सीटें फुल
30 मई को रवाना होगा पहला जत्था
नवीन जोशी, नैनीताल। शिव के धाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा से इतर शिव के छोटे धाम कहे जाने वाले आदि कैलाश यात्रा के लिए भी श्रद्धालुओं में जबरदस्त क्रेज दिखाई दे रहा है। यात्रा का किराया करीब पांच हजार रुपये प्रति यात्री बढ़ने के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं आई है। पहले चार दल पैक हो गये हैं, और अन्य 12 दलों के लिए भी 50 फीसद से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा की तर्ज पर ही वर्ष 1986-87 से आदि कैलाश यात्रा शुरू की गई थी। रहस्य-रोमांच और भोले बाबा की भक्ति में डूबने के लिहाज से आदि कैलाश यात्रा मानसरोवर यात्रा के समान ही महत्व रखती है। कैलाश शिव का धाम है तो आदि कैलाश भी शिव का छोटा घर ही है। इसलिए इसे छोटा कैलाश यात्रा भी कहते हैं। यहां शिव के शब्द प्रतीक 'ऊंकार' को प्राकृत रूप में देखना अद्भुत अनुभव है। आदि कैलाश यात्रा के लिए मानसरोवर की तहत विदेश मंत्रालय से अनुमति नहीं लेनी पड़ती, वीजा की जरूरत नहीं पड़ती व चीन में होने वाली दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ता। साथ ही खर्च भी कम आता है। नाभीढांग तक मानसरोवर व आदि कैलाश दोनों यात्राओं का मार्ग एक ही रहता है। नाभीढांग से ऊं पर्वत के दर्शन करते हुए यात्री गुंजी, कुट्टी व जौलिंगकांग होते हुए आदि कैलाश पहुंचते हैं। इधर बीते पांच वर्षो से निगम आदि कैलाश यात्रा की भी ऑनलाइन बुकिंग करता है। इस यात्रा के लिए हर बैच में औसतन 40 यात्री शामिल किये जाते हैं, जिनका चयन निगम द्वारा ही किया जाता है। इस यात्रा में कुमाऊं के विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर, पाताल भुवनेश्वर व बैजनाथ जैसे आस्था केंद्रों के दर्शन भी हो पाते हैं। इस वर्ष यह यात्रा करीब चार हजार रुपये प्रति यात्री महंगी होने जा रही है। अब तक इस यात्रा का किराया 17,600 रुपये था, जो इस वर्ष से 21 हजार रुपये प्रति यात्री होगा, साथ ही 2.58 फीसद सुविधा शुल्क भी अलग से वहन करना होगा। निगम के प्रबंध निदेशक चंद्रेश कुमार ने बताया कि इसके बावजूद पहले चार बैच पैक हो गये हैं और अन्य 12 बैचों के लिए भी 50 फीसद से अधिक बुकिंग हो चुकी है। यात्रा 29 मई से शुरू होगी। पहला दल 29 को दिल्ली से चलकर 30 की सुबह काठगोदाम और दिन के भोजन तक जागेश्वर पहुंच जाएगा।
मानसरोवर ट्रेक पर दिक्कत जल्द दूर कर लेने का भरोसा
नैनीताल। उल्लेखनीय है कि आदि कैलाश के ठीक बाद एक जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रारंभ हो रही है। इस रूट पर 1 दिन पूर्व कुटी में भारी बारिश के कारण निगम के कैंप को क्षति पहुंची थी, जबकि तीन दिन पूर्व आई बारिश ने गर्बाधार के पास ट्रेक को क्षतिग्रस्त कर दिया था। केएमवीएन के प्रबंध निदेशक चंद्रेश कुमार ने भरोसा जताया कि कुटी के कैंप को 2 मई और गर्बाधार के खतरनाक हो चुके ट्रेक को 25 मई तक दुरुस्त करने को कहा गया है। बताया कि सोमवार शाम तक दिल्ली से मानसरोवर यात्रियों को लाने वाली 'टू-बाई-टू' एसी बसों और काठगोदाम से आगे जाने वाली लग्जरी बसों की निविदा प्रक्रिया शाम तक पूरी की जा रही है। तैयारियों को अंतिम स्वरूप दिया जा रहा है।


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