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मंगलवार, 15 मार्च 2011

दुश्मन साबित हो रहा पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल !

नेपाल से मिल रहे वाहन चोरी के आर्डर!
50 से 80 हजार में ठिकाने लग रहे भारत से चुराए गए नए वाहन 
नेपाली सेना, माओवादी कमांडर और नेपाली पुलिस खुलेआम करती है इन वाहनों का इस्तेमाल

नवीन जोशी नैनीताल। खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा वाला पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल, देश व खासकर सीमावर्ती उत्तराखंड राज्य का दुश्मन साबित हो रहा है। यहां के वन तस्करों व अपराधियों की शरणस्थली बनने के आरोप पुराने हैं। वहीं अब यह पूरी तरह साफ हो गया है कि नेपाल देश के नए वाहनों की कब्रगाह साबित हो रहा है। उत्तराखंड पुलिस के हाथ एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह हाथ लगा है, जिसने खुलासा किया है कि उसे भारत से 150 महिंद्रा कमांडर जीप नेपाल पहुंचाने का आर्डर मिला हुआ है। भारत के नए वाहन गिरोहों द्वारा सीमा पर सुरक्षा बलों की आंखों में धूल झोंककर नेपाल में मात्र 50 से 80 हजार रुपये में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं, जिन्हें वहां माओवादी कमांडरों के साथ ही नेपाल सेना व नेपाल पुलिस के लोग खुलेआम प्रयोग कर रहे हैं। नैनीताल में पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह के सदस्यों ने खुलासा किया है कि उन्हें नेपाल के बिचौलियों से नई गाड़ियों के ब्रांड व नाम सहित आर्डर मिलते हैं, जिसके बाद रात्रि में ऐसे वाहनों की तलाश की जाती है। वाहन का लॉक ड्रिल मशीन से तोड़ा जाता है व बैटरी के तारों को अलग से जोड़कर प्रशिक्षित चालकों के माध्यम से सामान्यतया उसी दिन बताए गए नेपाली स्थान पर उत्तराखंड के बनबसा अथवा यूपी के बहराइच या बलिया बार्डर से नेपाल में प्रवेश करा दिया जाता है। भारत में पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए वाहन की नंबर प्लेट पलट कर कोई और नंबर लिख दिया जाता है, तथा दिल्ली में वाहन के सही इंजन व चेसिस नंबर तथा फर्जी पंजीकरण नंबर युक्त रजिस्ट्री तैयार कर साथ रखी जाती है। नेपाल सीमा में प्रवेश के उपरांत, चूंकि नेपाली माओवादी सरदार तथा नेपाल सेना व पुलिस के जवान व अधिकारी ही इनके खरीदार होते हैं, इसलिए वहां कोई समस्या नहीं आती है। आर्डर बिना यदि कोई वाहन पकड़ में आ जाए तो उसे सीमा के निकट के शहरों में ही फर्जी नंबरों के साथ रखा जाता है। पकड़े गए अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह के सदस्य टनकपुर निवासी त्रिलोक सिंह के अनुसार अभी उनके गिरोह को 150 कमांडर जीपों का आर्डर मिला हुआ है। यह गिरोह उत्तराखंड के साथ ही दिल्ली, नोएडा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय है व हर रोज ही वाहनों को नेपाल ले जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय वाहन तस्कर हत्थे चढ़े
नैनीताल (एसएनबी)। अंतरराष्ट्रीय वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल वाहन तस्कर गिरोह के दो सदस्य नैनीताल पुलिस के हत्थे चढ़े। इनके कब्जे से नोएडा से गत दिनों चुराया गया एक वाहन भी बरामद किया गया है। जिले के पुलिस कप्तान एवं कुमाऊं रेंज के आईजी की ओर से यह सफलता हासिल करने वाली नैनीताल एसओजी व तल्लीताल थाने की टीम को ढाई व पांच हजार रुपये के पुरस्कारों से नवाजा गया है। पुलिस के अनुसार सोमवार को मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने हल्द्वानी रोड पर हनुमानगढ़ी के पास वाहन संख्या एचआर62ए-1626 को रोक कर पड़ताल की तो वाहन का नंबर व उसमें सवार दोनों लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस में दर्शाए नाम पते गलत निकले। वाहन का असली नंबर डीएल1सी-0167 था व यह गत माह 14 जनवरी के आसपास नोएडा के सेक्टर 58 से चुराया गया था। पकड़े गए लोगों में पूर्णागिरि रोड टनकपुर निवासी त्रिलोक सिंह बोरा पुत्र रमेश बोरा अंतरराष्ट्रीय वाहन तस्कर गिरोह का वरिष्ठ सदस्य निकला, जो इस वाहन को नेपाल ठिकाने लगाने जा रहा था। हालांकि पुलिस यह खुलासा नहीं कर पाई कि एक माह बाद नेपाल ले जाए जा रहे वाहन को नैनीताल क्यों लाया जा रहा था। उसने खुलासा किया कि उसीने गत 10 दिसंबर की रात्रि कालाढूंगी रोड स्थित बजून से मैक्स वाहन संख्या यूके04 टीए-1695 व 14 दिसंबर की रात्रि नगर के कैंट क्षेत्र से सूमो विस्टा कार संख्या यूके04 टीए-0510 चुराकर नेपाल भेजे थे। सूमो को चुराने में साथ में दबोचे गए भिकियासैंण अल्मोड़ा निवासी जगत सिंह असवाल पुत्र स्व.जीवन सिंह असवाल का भी हाथ था। उसने खटीमा से एक पिकप सहित उत्तराखंड से बीते करीब आठ माह में 15 वाहन नेपाल पहुंचाने की बात भी स्वीकारी। उसने इस धंधे में नेपाल के दो लोगों रमेश पांडे व भोजराज शर्मा तथा नोएडा के कुछ लोगों के नाम के खुलासे भी पुलिस के समक्ष किए हैं। एसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि नोएडा व दिल्ली पुलिस को जानकारी दे दी गई है।
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वाहन चोरों के खिलाफ अलग सेल गठित होगा

आईजी ने ली मंडलीय समीक्षा बैठक
28 मार्च, 2011 : नैनीताल (एसएनबी)। कुमाऊं मंडल में हाल के दिनों में बढ़ी वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नैनीताल एवं ऊधम सिंह नगर जिलों में 'एंटी ऑटो थेप्ट सेल' बनाया जाएगा। इस सेल में तेज 
तर्रार पुलिस कर्मियों को रखा जाएगा, ताकि वह वाहन चोरी में लिप्त गिरोहों का पता लगाकर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई अमल में ला सकें। रविवार को कुमाऊं परिक्षेत्र के आईजी राम सिंह मीणा ने बीते वित्तीय वर्ष के अपराधों की तुलनात्मक समीक्षा करते हुए इस बाबत आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने बैठक में मौजूद पुलिस कप्तानों को थानावार विशिष्ट समस्याओं को चिह्नित कर उनके निराकरण के लिए कार्ययोजना बनाने व क्रियान्वित करने को कहा। बीते वर्ष में नैनीताल जनपद में लूट एवं दहेज हत्या की घटनाओं पर भी आईजी ने संज्ञान लिया तथा ऐसी घटनाओं के शत-प्रतिशत खुलासे के निर्देश दिए। पीपी व भूपी के पकड़ में आने के बाद मंडल के टॉप-10 अपराधियों की धरपकड़ में तेजी लाने तथा इस मामले में ऐसे अपराधियों का पुन: सत्यापन कर लेने को कहा गया कि सूची में शामिल लोगों का आचरण वर्तमान में कैसा है। साथ ही वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी व लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की बाबत भी उन्होंने तेजी बरतने को कहा। आगामी पर्यटन सीजन के मद्देनजर भी उन्होंने खासकर नैनीताल के एसएसपी को प्रभावी यातायात व्यवस्था के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में नैनीताल के एसएसपी मोहन सिंह बनंग्याल तथा एसपी चंपावत पीएस सैलाल, अल्मोड़ा पूरन सिंह रावत, बागेर मुख्तार मोहसिन, पिथौरागढ़ निलेश आनंद भरनै व प्रभारी एसएसपी ऊधम सिंह नगर सैंथिल अबुदई आदि मौजूद थे।
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