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गुरुवार, 17 फ़रवरी 2011

बालीवुड कलाकार नाटकों से निर्मल को देंगे श्रद्धांजलि

आठ व नौ मार्च को पुन्य तिथि पर होंगे नाटक मंचित, गत वर्ष १८ फरवरी को  हुआ था पांडे का निधन
नैनीताल (एसएनबी)। दिवंगत बालीवुड-हालीवुड सिने स्टार निर्मल पांडे को नाटकों के माध्यम से श्रद्धांजलि दी जाएगी। नगर के शैले हाल में आठ मार्च से दो दिवसीय नाटकों का मंचन किया जाएगा। पांडे गत वर्ष 18 फरवरी को काल के क्रूर हाथों में समा गए थे। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी थी, जो कि इस वर्ष आठ मार्च को है। 
स्वर्गीय निर्मल पांडे के बड़े भाई मिथिलेश पांडे ने बताया कि आठ मार्च को नगर के शैले हॉल में निर्मल के वरिष्ठ एनएसडी स्नातक सिने कलाकार आलोक चटर्जी नाटक की अनूठी एकल प्रस्तुति देंगे। इस मौके पर मुंबई से निर्मल के साथी निर्देशक अनिल दुबे सहित कई बड़े कलाकारों के भी नैनीताल आने की संभावना है। इसी दिन अल्मोड़ा की दिशा कार्यशाला द्वारा कुमाऊंनी नाटक ‘तीन का्थ’ का भी प्रदर्शन किया जाएगा। अगले दिन युवा निर्देशक रितेश सागर के हालिया प्रदर्शित नाटक ‘लहरों के राजहंस’ एवं युगमंच के एक छोटे नाटक का भी मंचन किया जाएगा। अन्य कार्यक्रम भी होंगे। निर्मल पांडे ने कुछ ही समय में कला जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। अभिनय के मामले में उनका लोहा माना जाता था।
फिल्म संस्थान बनाने का था सपना
नैनीताल। निर्मल पाण्डेय को फिल्म ‘दायरा’ में अविस्मरणीय किरदार निभाने पर फ्रांस का सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री जैसा अनूठा पुरस्कार मिला था। यहां उनके द्वारा निर्देशित ‘जिन लाहौर नहीं वेख्या’ का मंचन आज भी उनके ही निर्देशन अनुसार होता है। ‘अंधा युग’ भी उनकी उल्लेखनीय प्रस्तुति थी। इधर बैंडिट क्वीन, इस रात की सुबह नहीं, दायरा, गॉड मदर, वन टू का फोर व ट्रेन टू पाकिस्तान सरीखी दो दर्जन से अधिक फिल्मों से स्वयं को स्थापित कर चुके निर्मल पहाड़ की ओर रुख करते हुए यहां फिल्म संस्थान बनाने की योजना बना रहे थे। बड़े भाई मिथिलेश पांडे के अनुसार उन्होंने रानीखेत में इसके लिए भूमि भी तलाश ली थी, किंतु काल के क्रूर हाथों ने उन्हें अचानक व असमय इस स्वप्न को पूरा करने से पूर्व ही छीन लिया। 

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